* आप सरकार बुद्धिजीवी कहेंगे*
देश मे महंगाई कम करने की आवाज़ मुखर करना बेईमानी है
महगाई को कम करने की बजाय
हर आम नागरिक को
अपनी आय ऊँची करनी चाहिए
ताकि महगाई उसके लिए मामूली या गौण लगे
जैसे धनी ओर उच्च आय वर्ग वालो के लिए महगाई कोई मायने नही रखती ओर उस महकमे को भी कोई फर्क नही पड़ता जिनको DA या महंगाई भत्ता मिलता है।
लेकिन देश की सिर्फ 10 फीसदी लोग सरकारी विभाग में हो सकते हैं जिसमे गजेटेड अफसर कितने %होते हैं जिनकी आय उच्च होती है वेतन के हिसाब से
व्यापारी की जहाँ तक बात है खुदरा व्यापारी की आय सीमित होती है हर कोई थोक व्यापारी नही हो सकता।
आय बढ़ाने के स्त्रोत क्या है ?
हर व्यक्ति प्रयास करता है लेकिन सफल कितने हैं
भाग्य भी तो कोई चीज़ है
जिससे खुदा महरबान तो गधा पहलवान की बात अलग है
जो शेखी बघारते हैं कि भाग्य पर भरोसा मूर्ख लोग करते हैं लेकिन मैंने उन्हें भाग्य का शिकार होते देखा है..
*N K सेवक “सनातन”