मै सबला हूँ!!!!!

मै सबला हूँ!!!!!

*****””सबला हु मै !!!!!!”******
मै नारि शक्ति रूपा हु मै नारी भक्ति रूपा हूँ
फिर क्यों मै मानी जाती निरी अबला हूँ
शास्त्र बखानते समाज भीं नवाज़ते
पूज्य रूपा अर्ध नारिश्वरा हूँ
शिव शक्ति रूप आराध्या हूँ
मै नारी…..
नवदुर्गा के रूपों में
सुष्टि बिम्ब बनाती हूँ
मधु- केटभ शम्भू- निशम्भु
महिसासुर का मद मिटाती हूँ
में नारी…..
ये केसा दोगलापन ये केसा दोहरा रंग सिद्धांत
पत्नि सबको चाहिए फिर क्यों नही उदात
धरती की तरह सब सहने वाली
मै महा चरित्रा हूँ
मै नारी….
पानी बिन संसार असंभव
ठीक नारी बिन संसार
नारी के संग भेद किया जाता हैं
कही महानं तुलसी द्वारा कोसा जाता
कही हैं नारिया जहा देवताओं द्वारा रमा जाता
विस्वास करो मै महा धरा हूँ
मै नारी…
ये लिंग भेद हमें स्वीकार्य नही है
हम नारी शक्ति रूपा हमें ये तस्वीर स्वीकार्य नही है
हम नारी चलो- बने इक अच्छी माँ इक अच्छी पत्नी
इक नायाब बेटी इक उम्दा बहन इक उत्तम नाती-पोती
कामकाजी हो या गृहिणी पुरुष समान सामर्थ्यवान बने
नही कमतर कहीं गार्गी तो कही मैत्रेयी हूं
मै नारी…
यु तों जेवर हमको प्यारे शृंगार भी हमें हैं सुहाते
लेकिन अब वक्त आधुनिक आओ आधुनिका बन हर्षे
शिक्षा रुपी जेवर से चलो शृंगार रूप नख शिख सजे
वो गहने घिस जायेंगे मिट जायेंगे बिक जायेंगे लूट जायेंगे
लेकिन शिक्षा के जेवर से हम संसार देश सजा देंगे
अब उपभोग की वस्तु नही मै नारी स्तुत्या हूं
मै नारी….
हर नवपिढी का मन द्वार सजा कर
सभ्यता संस्कृति शिक्षा-आत्मबल बढाकर
आओ खुद को बलवती कर ये अन्याय मिटाए
अस्मिता से जोड़ मुझे कम न आंका जाएँ
कुछ नही है खोने को मुज में
पवित्रता में ना ढाला जाए
अगर है ऐसा तो कोई पुरुष मुझसे ना जन्मा जाय
पुरुष मुझसे ही जन्मता ये भेद मिटाया जाय
देवता रमते वहां तो पुरुस द्वारा मुझे हर रूप में पूजा जाय
मै दुःख सहने और ख़ुशी छलकाने का पर्याय हूँ
मै नारी…
आधुनिक युग की आवाज़ हु
हर युग की मान हु मै
अब वक्त बड़ा नाज़ुक पुरुष
तू महत्व मेरा जान मै हर क्षेत्र की खान
अब बेटो पर तरसने वाले दम्म्पत्ति
सिर्फ बेटी को पाने वरदान मांगेगे
अब तक आई बाराते बेटो की
अब बेटियो की बाराते आएँगी
बेटा बेटी में अब समदर्शिता मुखर हो जायेगी
मै बेटे का ही रूप हूँ
मै नारी….
nk सेवक”सनातन”

Naresh Kumar Sevak “Sanatan”

Poet, writer and English teacher from Udaipur, Rajasthan — M.A. in English & Hindi Literature. Writes kavita, geet, ghazal, bhajan, satire and articles in Hindi, English and Gujarati.

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