सुबह तुलसी पर जल चढ़ाते हुए
मैंने देखा सूरज को झुकते हुए;
हर पत्ती पर एक मंत्र लिखा था,
जिसे केवल श्रद्धा पढ़ पाती है।
सुबह तुलसी पर जल चढ़ाते हुए
मैंने देखा सूरज को झुकते हुए;
हर पत्ती पर एक मंत्र लिखा था,
जिसे केवल श्रद्धा पढ़ पाती है।
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