■ तो जलता है बदन ■
तुम्हे खुद से ख़ुद में देखु
उर से उर में मचलु
तो जलता है बदन -2
तेरे जलवो की कसक
दिल से दिल की धड़क
खोउ खुद से खुद में
तो जलता है बदन -2
ताज़ा फूलों कि महक
तेरे चेहरे की झलक
देखु तो बहक ही बहक
सोच ये ललक
तो जलता है बदन-2
तेरे लबो की खनक
तेरे बातों की चहक
तेरी महोब्बत की अनल
बहे तो जलता है बदन-2
तू शीतल, चंचल, निर्मल, कोमल मनन
रूप सौंदर्य ज्यूँ मेनका सी धनक
दिल से दिल की बात
आसमानी खनक
बलाहक रूप श्रृंगार कोयल सी कूक साज़ो का फलक
तुजे देखु तो बजता है गीत
लिए लागी सुहानी लगन
साजो में कम्पन
मधुर गिटार सितार का प्रस्फुटन वादन
सुनता हूँ तो
जलता है बदन -2
बाहों में बाहे कटी पे हाथ
आंखों में आंखे
होठो से होठो का मिलन
सोच में मधुमास
उरोज से सीने का स्पर्श स्पंदन
अनिऋद्धि आलिंगन राग मल्हार
ऋतुसंहार मदन-रति प्रेमालाप मदनमय संसार
न कोई धार्मिक सामाजिक सांसारिक बंधन
बस पंछियों सी हुक दिल से दिल की मुहर
स्वछंद मिलन लिए प्राकतिक अगन
लोग लांछन प्रीत उठाये
बंधन बांधव रीत उठाये
तो जलता है बदन-2
उठे ज्वार पर ज्वार
तो जलता है बदन -2
तेरा अवतरण
फ़ज़ा में बहार
रुत सुहानी सावन की बयार
शीत के थपेड़े
सहू कैसे
जलता है बदन
तू रातों की नींद
दिन का चेन
आलम मदमाता सुरूर ही सुरूर
सुकूँ ही सुकूँ रहा नही जाता
बिन तेरे जलता है
पर जलता नही बदन
तेरी मोहब्बत का दयार है
बस इतना ही काफी
जलता है पर जलता नही बदन-2
*NK सनातन